
मात्र ₹30,000 से शुरू करें अपना वाटर प्लांट बिजनेस
दोस्तों, EASY GROW EARNING बिजनेस आइडिया की एक और नई लेख में मैं आपका दोस्त Gurmeet singh, आप सभी का स्वागत करता हूं। अगर आप वाटर प्लांट लगाने के इच्छुक हैं, तो यह लेख आपके लिए ही है। आज हम पूरी डिटेल में जानेंगे कि कैसे आप कम निवेश में यह बिजनेस शुरू कर सकते हैं।
मैं अभी दिल्ली के जनकपुरी में भारत एंड एक्सचेंज कंपनी में हूं। यह कंपनी पिछले कई सालों से इस क्षेत्र में काम कर रही है और बिजनेस शुरू करने में पूरी गाइडेंस देती है। आज हमारे साथ हैं कंपनी के नवीन तिवारी जी, जो हमें इस बिजनेस के बारे में विस्तार से बताएंगे।
बिजनेस की संभावना: क्या अब भी है मौका?
आपके मन में सवाल होगा कि आजकल तो हर गली-मोहल्ले में वाटर प्लांट लगे हैं, ऐसे में क्या यह बिजनेस शुरू करना सही है? नवीन जी का कहना है कि प्रतिस्पर्धा होने के बावजूद, अगर आप तीन बातों का ध्यान रखें, तो आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता:

- पानी की क्वालिटी: आप पानी बेच रहे हैं, तो उसकी शुद्धता और स्वाद अच्छा होना चाहिए।
- सही प्राइसिंग: आपकी लागत कंट्रोल में हो, ताकि आप कम दाम में भी अच्छा मार्जिन कमा सकें।
- ग्राहक से अच्छा व्यवहार: समय पर डिलीवरी और अच्छी सर्विस से ग्राहक आपका हो जाएगा।
पानी की डिमांड कभी खत्म नहीं होती। हर कोई आरओ का पानी पी रहा है। बस जरूरत है सही प्लानिंग और क्वालिटी पर ध्यान देने की।
निवेश और प्लांट कैपेसिटी
इस बिजनेस की खास बात यह है कि आप इसे मात्र ₹30,000 के निवेश से भी शुरू कर सकते हैं। इस बजट में आपको 250 लीटर प्रति घंटा क्षमता वाला प्लांट मिल जाता है। यानी आप एक घंटे में 250 लीटर शुद्ध पानी तैयार कर सकते हैं। बिजनेस बढ़ने पर आप 500 LPH, 1000 LPH या उससे भी बड़े प्लांट में अपग्रेड कर सकते हैं।
नई तकनीक: पानी की बचत
आमतौर पर पारंपरिक आरओ सिस्टम में 60% पानी वेस्ट (खारा पानी) के रूप में बह जाता है और सिर्फ 40% ही शुद्ध पानी मिल पाता है। इस कंपनी के प्लांट्स में नई तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे 50-50 का रेश्यो हासिल किया जा सकता है। यानी आपकी पानी की बचत होगी, जो पर्यावरण के लिहाज से भी अच्छा है और आपकी लागत भी कम करेगा।
प्लांट की खास विशेषताएं और क्वालिटी
यहां सिर्फ मशीन नहीं, बल्कि एक कम्प्लीट सोल्यूशन दिया जाता है। आइए जानते हैं प्लांट में क्या-क्या खास है:
- कोकोनट बेस्ड कार्बन: ज्यादातर प्लांट्स में सस्ता कोल बेस्ड कार्बन इस्तेमाल होता है, जो हाथ में लेते ही काला कर देता है और कम प्रभावी होता है। यहां बी-प्योर गुणवत्ता का नारियल (कोकोनट) बेस्ड कार्बन इस्तेमाल किया जाता है। यह ज्यादा प्रभावी है और लगभग ढाई से तीन साल तक चलता है।
- अल्ट्रा फिल्ट्रेशन (UF): यह एक एडवांस फिल्टर है, जिसके छिद्र मात्र 0.01 माइक्रोन के होते हैं। यह बैक्टीरिया, वायरस और अन्य सूक्ष्म कणों को रोकने में मदद करता है। इसकी डिजाइन पेड़ की जड़ों से प्रेरित है, जो प्राकृतिक रूप से पानी को फिल्टर करती हैं।
- अल्ट्रावायलेट (UV) स्टेरलाइजर: यह पानी में मौजूद हानिकारक कीटाणुओं, बैक्टीरिया और जर्म्स को पूरी तरह निष्क्रिय कर देता है।
- मिनरल डोजिंग पंप: आरओ प्रक्रिया में पानी के प्राकृतिक मिनरल्स भी निकल जाते हैं। इसे वापस जोड़ने के लिए मिनरल डोजिंग पंप लगाया जाता है, ताकि पानी स्वास्थ्यवर्धक भी रहे।
- स्वचालित सफाई (CIP) सिस्टम: इससे प्लांट के अंदरूनी हिस्सों और मेम्ब्रेन की सफाई आसानी से हो जाती है, जिससे उनकी लाइफ बढ़ जाती है।
- TDS एडजस्टर: आप अपने एरिया के पानी के हिसाब से शुद्ध पानी का TDS सेट कर सकते हैं, ताकि स्वाद बरकरार रहे।
बिजनेस शुरू करने के लिए क्या चाहिए?
- एक छोटा सा कमरा (10×10 फीट या उससे थोड़ा बड़ा)।
- पानी का स्रोत (बोरवेल या अन्य सप्लाई)।
- बिजली कनेक्शन (अगर चिलर भी लगाना है तो मिनिमम 4 KW का कमर्शियल कनेक्शन लें)।
कंपनी की तरफ से इंजीनियर इंस्टॉलेशन के लिए आते हैं, पूरा प्लांट लगाकर ट्रेनिंग देते हैं और टीडीएस चेक करके संतुष्ट करते हैं।
लागत और मुनाफे का गणित
- एक 20 लीटर के जार (कैंपर) की लागत: बिजली, लेबर और केप (ढक्कन) मिलाकर लगभग ₹3 से ₹5 के बीच आती है।
- बिक्री मूल्य: देश के अधिकांश इलाकों में ₹20 से ₹25 प्रति जार तक बिकता है।
- शुद्ध मुनाफा: इस हिसाब से प्रति जार आपको लगभग ₹15 से ₹17 का मुनाफा हो सकता है।
इसके अलावा, आप 1 लीटर की बोतलें या पाउच पैकिंग का बिजनेस भी शुरू कर सकते हैं। पाउच पैकिंग मशीन से एक घंटे में 3000-3500 पाउच तैयार किए जा सकते हैं।

- आपको प्लांट में इस्तेमाल होने वाला मीडिया और कोकोनट कार्बन का एक पूरा सेट (लगभग ₹5,000 मूल्य का) ढाई से तीन साल बाद मुफ्त में दिया जाएगा, जब उसे बदलने की जरूरत पड़ेगी।
सलाह
अंत में नवीन जी की सलाह है कि अगर संभव हो तो फैक्ट्री जाकर मशीनें खुद देखें और समझें। अगर दूर से हैं, तो बुकिंग करके मंगा सकते हैं। डिलीवरी के बाद प्लांट चेक करके पूरी तरह संतुष्ट होने पर ही पेमेंट पूरा करें।
तो दोस्तों, यह थी वाटर प्लांट बिजनेस से जुड़ी पूरी जानकारी। यह एक ऐसा बिजनेस है जहां डिमांड हमेशा बनी रहती है। थोड़ी सी मेहनत और ईमानदारी से काम करके आप एक सफल उद्यमी बन सकते हैं।
बहुत-बहुत धन्यवाद!