ब्रिक मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस | प्रोडक्शन कॉस्ट कैलकुलेशन का आसान तरीका |

नमस्कार दोस्तों! यहां हम आपकी सभी इंजीनियरिंग जरूरतों के लिए कंप्लीट सॉल्यूशन प्रोवाइड करते हैं। चाहे वो प्रोजेक्ट रिपोर्ट्स हों, मशीनरी सिलेक्शन, इंस्टॉलेशन या फिर आफ्टर-सेल्स सर्विस एंड मेंटेनेंस।

आज के आर्टिकल में हम एक बहुत ही प्रैक्टिकल टॉपिक पर बात करेंगे: ब्रिक कॉस्टिंग, यानी एक ईंट की कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन कैसे कैलकुलेट होती है? ज्यादातर लोग मशीन खरीदने से पहले यह जानना चाहते हैं कि ब्रिक बनेगी तो उसका कॉस्ट कितना पड़ेगा? और यही सवाल आज हम आसान उदाहरण के साथ समझाएंगे।

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि ब्रिक कॉस्टिंग हमेशा रॉ मटेरियल्स की रेट और अवेलेबिलिटी पर डिपेंड करती है। हर एरिया में रॉ मटेरियल के रेट अलग-अलग होते हैं। कहीं सैंड या क्रशर डस्ट सस्ती मिलती है, तो कहीं फ्लाई ऐश सस्ती में मिल जाती है, और सीमेंट की कीमत हर जगह करीब-करीब सेम रहती है।

यहां एक और इम्पॉर्टेन्ट बात समझनी चाहिए। अवेलेबिलिटी का सीधा असर प्रोपोर्शन पर पड़ता है। अगर आपके एरिया में सैंड या क्रशर डस्ट ज्यादा क्वांटिटी में आसानी से उपलब्ध और सस्ती है, तो आप प्रोपोर्शन बदलकर ज्यादा सैंड और कम फ्लाई ऐश यूज कर सकते हैं। इसका असर ब्रिक की स्ट्रेंथ और फाइनल कॉस्टिंग दोनों पर पड़ता है। वहीं, अगर आपके एरिया में फ्लाई ऐश फ्री या बहुत सस्ती मिल रही है, तो ब्रिक मैन्युफैक्चरर्स 60 से 70% तक फ्लाई ऐश यूज़ करते हैं, जिससे कॉस्ट काफी कम हो जाता है।

रेट्स को समझाने के लिए हम यहां पर KG और पर मेट्रिक टन, दोनों रेट्स मेंशन करेंगे, ताकि आपको एक्चुअल कैलकुलेशन का अंदाजा लगे।


पहला उदाहरण:

जिसमें एक स्टैंडर्ड ब्रिक का वजन 3 किलोग्राम है। जनरली इसका प्रोपोर्शन इस प्रकार है:

  • सैंड या क्रशर डस्ट: 34%
  • फ्लाई ऐश (A ग्रेड): 60%
  • सीमेंट (OPC 53 ग्रेड): 6%

यहां पर हम एक एवरेज रेट के ऊपर कैलकुलेशन करेंगे:

  • सैंड: 60 पैसे प्रति KG (₹600 प्रति मेट्रिक टन)
  • फ्लाई ऐश: 60 पैसे प्रति KG (₹600 प्रति मेट्रिक टन)
  • सीमेंट: ₹7.60 प्रति KG (₹7600 प्रति मेट्रिक टन)

तो चलिए अब कैलकुलेशन देखते हैं:

  1. सैंड: 3 KG का 34% = 1 KG 20 ग्राम। प्राइस: 60 पैसे/KG के हिसाब से = ₹0.61
  2. फ्लाई ऐश: 3 KG का 60% = 1 KG 800 ग्राम। प्राइस: 60 पैसे/KG के हिसाब से = ₹1.08
  3. सीमेंट: 3 KG का 6% = 180 ग्राम। प्राइस: ₹7.60/KG के हिसाब से = ₹1.37

तो रॉ मटेरियल कॉस्ट = ₹0.61 + ₹1.08 + ₹1.37 = ₹3.06 प्रति ब्रिक

अन्य एक्सपेंसेज (प्रति ब्रिक):

  • लेबर: 60 पैसे
  • इलेक्ट्रिसिटी: 10 पैसे
  • लोन इंटरेस्ट: 10 पैसे
  • मेंटेनेंस: 10 पैसे
  • मिसलेनियस: 10 पैसे
    कुल अन्य खर्च = ₹1.00 प्रति ब्रिक

फाइनली टोटल कॉस्ट: मटेरियल कॉस्ट ₹3.06 + अन्य खर्च ₹1.00 = ₹4.06 प्रति ब्रिक


दूसरा उदाहरण:

इसमें हैवी ब्रिक का वजन 3.5 किलो है। इसका प्रोपोर्शन इस प्रकार है:

  • सैंड या क्रशर डस्ट: 60%
  • फ्लाई ऐश (A ग्रेड): 34%
  • सीमेंट (OPC 53 ग्रेड): 6%

एवरेज रेट वही रखते हैं:

  • सैंड: 60 पैसे/KG
  • फ्लाई ऐश: 60 पैसे/KG
  • सीमेंट: ₹7.60/KG

कैलकुलेशन:

  1. सैंड: 3.5 KG का 60% = 2 KG 100 ग्राम। प्राइस = ₹1.26
  2. फ्लाई ऐश: 3.5 KG का 34% = 1 KG 190 ग्राम। प्राइस = ₹0.71
  3. सीमेंट: 3.5 KG का 6% = 210 ग्राम। प्राइस = ₹1.60

रॉ मटेरियल कॉस्ट = ₹1.26 + ₹0.71 + ₹1.60 = ₹3.57 प्रति ब्रिक
अन्य खर्च वही ₹1.00 मानते हैं।

फाइनल कॉस्ट: ₹3.57 + ₹1.00 = ₹4.57 प्रति ब्रिक

तो दोस्तों, आपने देखा—कॉस्टिंग फिक्स नहीं होती। यह हमेशा रॉ मटेरियल रेट, अवेलेबिलिटी और प्रोपोर्शन पर डिपेंड करती है।

चलिए देखते हैं, जब हम रॉ मटेरियल का प्राइस वही रखते हैं और सिर्फ रेश्यो बदलते हैं, तो ब्रिक की कॉस्ट में कितना फर्क आता है। इस कंपैरिजन से आप आसानी से समझ सकते हैं कि रेश्यो बदलने से प्रोडक्शन कॉस्ट कैसे बदलती है। साथ ही रेश्यो बदलने से ईंट का वजन भी बदल जाता है। इन उदाहरणों में हमने वजन को लगभग मानकर लिया है, ताकि आपको आसानी से फर्क समझ आ सके।


तीसरा उदाहरण:

रेश्यो: सैंड/क्रशर डस्ट 47%, फ्लाई ऐश 47%, सीमेंट 6%
ब्रिक वजन ≈ 3.2 KG
इस कॉम्बिनेशन से एक ईंट की प्रोडक्शन कॉस्ट लगभग ₹4.26 आएगी।

चौथा उदाहरण:

रेश्यो: सैंड/क्रशर डस्ट 50%, फ्लाई ऐश 44%, सीमेंट 6%
ब्रिक वजन ≈ 3.2 KG
इस प्रोपोर्शन के हिसाब से कॉस्ट लगभग ₹4.27 प्रति ब्रिक होगी।

अगर आपके एरिया में फ्लाई ऐश आसानी से और सस्ते दाम पर उपलब्ध है, तो हाई प्रेस मशीन आपके लिए सबसे उपयुक्त साबित होती है। हाई प्रेस मशीन की खासियत यही है कि यह रॉ मटेरियल्स को हाई प्रेशर से कंपैक्ट करके बहुत स्ट्रांग और डेंस ब्रिक्स तैयार करती है।


पांचवां उदाहरण (सीमेंट के बिना):

अगर आप सीमेंट का यूज कम करना या नहीं करना चाहते, तो लाइम और जिप्सम को बाइंडर के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। हमारा रेकमेंडेड मिक्स रेशियो है:

  • फ्लाई ऐश: 60%
  • सैंड/क्रशर डस्ट: 33%
  • लाइम: 6%
  • जिप्सम: 1%
  • ब्रिक वजन ≈ 3 KG

कैलकुलेशन (दरें: सैंड/फ्लाई ऐश 60 पैसे/KG, लाइम ₹7/KG, जिप्सम ₹1.20/KG):

  1. फ्लाई ऐश: 1.8 KG -> ₹1.08
  2. सैंड: 0.99 KG -> ₹0.59
  3. लाइम: 0.18 KG -> ₹1.26
  4. जिप्सम: 0.03 KG -> ₹0.04
    रॉ मटेरियल कॉस्ट = ₹2.97
    अन्य खर्च ₹1.00 जोड़ने पर फाइनल कॉस्ट = ₹3.97 प्रति ब्रिक

वाइब्रो कम्पैक्शन मशीन के लिए उदाहरण:

अगर आपके एरिया में क्रशर डस्ट/सैंड ज्यादा है और फ्लाई ऐश कम, तो वाइब्रो कंपैक्शन मशीन बेहतर विकल्प है। रेकमेंडेड रेश्यो:

  • सैंड/क्रशर डस्ट: 65%
  • फ्लाई ऐश: 28%
  • सीमेंट: 7%
  • ब्रिक वजन ≈ 3.8 KG

कैलकुलेशन (दरें वही):

  1. सैंड: 2.47 KG -> ₹1.48
  2. फ्लाई ऐश: 1.064 KG -> ₹0.64
  3. सीमेंट: 0.266 KG -> ₹2.02
    रॉ मटेरियल कॉस्ट = ₹4.14
    अन्य खर्च ₹1.00 जोड़ने पर फाइनल कॉस्ट = ₹5.14 प्रति ब्रिक

श्री इंजीनियरिंग हमेशा आपके रॉ मटेरियल अवेलेबिलिटी के हिसाब से मशीन डिजाइन और मिक्स प्रोपोर्शन रेकमेंड करता है। सीमेंट बेस्ड या लाइम-जिप्सम बेस्ड, दोनों तरह की कॉम्बिनेशन में हमारे पास सॉल्यूशन उपलब्ध हैं। आज ही हमसे जुड़िए और अपनी लोकल कंडीशन के हिसाब से सबसे सूटेबल वाइब्रो कंपैक्शन या हाई-स्पीड हाई-प्रेशर मशीन चुनिए।

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धन्यवाद। मिलते हैं अगले आर्टिकल में।

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