प्लास्टिक बैन के बाद सुनहरा मौका: कैसे शुरू करें इको-फ्रेंडली कैरी बैग का उत्पादन? 

भविष्य का व्यवसाय: बायोडिग्रेडेबल कैरी बैग निर्माण

प्लास्टिक पर प्रतिबंध के बाद, पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसी जरूरत को पूरा करता है बायोडिग्रेडेबल और कंपोस्टेबल कैरी बैग का व्यवसाय। यह न सिर्फ एक लाभदायक उद्यम है, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी और भविष्य की ओर एक कदम भी है। इस व्यवसाय को शुरू करने में केंद्र और राज्य सरकारों का प्रदूषण नियंत्रण विभाग (जैसे सीपीसीबी) प्रमाणपत्र देकर सहायता करता है, और बैंक पूर्ण ऋण सुविधा भी प्रदान करते हैं।

उत्पाद: प्लास्टिक का स्थायी विकल्प

यह उत्पाद कॉर्नस्टार्च से बनता है, जो मक्के के दानों से प्राप्त होता है। यह बैग पूरी तरह से इको-फ्रेंडली है, जिसका जीवनकाल 3 से 6 माह का होता है। मिट्टी या पानी के संपर्क में आने पर यह या तो कंपोस्ट (खाद) में बदल जाता है या फिर घुलकर विलीन हो जाता है। इस प्रकार यह ‘सिंगल-यूज प्लास्टिक’ का एक आदर्श विकल्प है।

संपर्क सूत्र एवं मार्गदर्शन

इस व्यवसाय को शुरू करने में रुचि रखने वाले उद्यमी नीचे दिए गए संपर्क सूत्र के माध्यम से सीधा मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। कोलकाता स्थित कंपनी से प्रत्यक्ष रूप से भी जुड़ा जा सकता है।


निर्माण प्रक्रिया: मशीनों का कमाल

पूरा उत्पादन तीन मुख्य मशीनों से होता है:

  1. मिक्सर मशीन: इसमें कच्चा माल (कॉर्नस्टार्च का ‘दाना’ और ‘गैन्यूल्स’ या ‘फिलर’) मिलाया जाता है और उसमें नमी नियंत्रित की जाती है।
  2. एक्सट्रूडर मशीन: यह मुख्य मशीन है। मिक्स किए गए माल को इसके हॉपर में डाला जाता है। एक स्क्रू और बैरल तंत्र के माध्यम से यह मिश्रण पिघलकर एक शीट के रूप में बाहर आता है। इसी शीट पर प्रिंटिंग भी की जाती है और फिर इसे रोल के रूप में लपेट लिया जाता है। यह मशीन प्रतिदिन लगभग 1 टन (1300 किलो) तक का उत्पादन कर सकती है।
  3. सीलिंग, कटिंग एवं पंचिंग मशीन: रोल को इस मशीन पर लगाया जाता है, जो स्वचालित रूप से बैग का आकार काटती है, उसकी सीलिंग करती है और हैंडल के लिए पंचिंग करती है। एक बार में 8 से 16 रोल लगाकर तेज उत्पादन किया जा सकता है।

एक खास बात यह है कि उत्पादन के दौरान होने वाला कचरा (वेस्टेज) भी रीसाइक्लिंग मशीन में दोबारा ‘दाने’ में बदला जा सकता है, जिससे यह जीरो-वेस्ट व्यवसाय बन जाता है।

व्यवसाय संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी

  • निवेश: एक पूर्ण स्वचालित प्लांट की लागत लगभग ₹13.25 लाख आती है। छोटे स्तर पर शुरुआत के लिए सिर्फ सीलिंग-कटिंग मशीन (लगभग ₹3.75 लाख) और पंचिंग मशीन (लगभग ₹75,000) से भी काम शुरू किया जा सकता है।
  • लाभ मार्जिन: कच्चा माल, बिजली और श्रम लागत मिलाकर उत्पादन लागत लगभग ₹95-100 प्रति किलो आती है। बाजार में इसकी होलसेल कीमत कम से कम ₹150 प्रति किलो है, यानी लगभग ₹50-55 प्रति किलो का स्वस्थ मार्जिन मिलता है।
  • स्थान एवं बिजली: पूर्ण प्लांट के लिए लगभग 1000 वर्ग फुट जगह और 25-30 किलोवाट बिजली की आवश्यकता होती है। छोटे सेटअप के लिए 300-500 वर्ग फुट पर्याप्त है।
  • कार्यबल: पूरा प्लांट मात्र 2 व्यक्तियों द्वारा आसानी से संचालित किया जा सकता है। कंपनी ऑपरेटरों को पूर्ण प्रशिक्षण भी प्रदान करती है।
  • मशीन की गुणवत्ता: मशीन में भारत में निर्मित उच्च गुणवत्ता (जैसे क्रोम) के पुर्जे लगे होते हैं। कंपनी 1 वर्ष की गारंटी और 5 वर्ष की वारंटी प्रदान करती है, तथा पूरे देश में अपना तकनीकी स्टाफ रखती है।
  • सरकारी मानदंड: ध्यान रहे, 50-120 माइक्रोन का नियम केवल प्लास्टिक के लिए है। इस बायोडिग्रेडेबल उत्पाद पर माइक्रोन की कोई पाबंदी नहीं है। इसकी मोटाई कम होने पर भी यह प्लास्टिक के बैग के बराबर या अधिक वजन उठा सकता है।

प्लास्टिक नहीं, इसका सबूत

बैग पर ‘आई एम नॉट प्लास्टिक’ लिखा होता है। इसे साबित करने का एक आसान तरीका है एक विशेष केमिकल (थिनर) का परीक्षण। इसमें प्लास्टिक की शीट डालने पर वह अपरिवर्तित रहती है, जबकि इस बायोडिग्रेडेबल शीट को डालते ही वह घुलने लगती है। यही इसकी पहचान है।

शुरुआत के लिए आवश्यक दस्तावेज

राष्ट्रीय स्तर पर व्यापार के लिए सीपीसीबी (CPCB) का प्रमाणपत्र आवश्यक है। सामान्य स्तर पर व्यवसाय शुरू करने के लिए ट्रेड लाइसेंस, जीएसटी पंजीकरण और बैंक खाता ही पर्याप्त हैं।

निर्माता का पूर्ण समर्थन

मिशन कंपनी के संचालक श्री चंदन दास जी और उनके सहयोगी वंश जी ने बताया कि वे केवल मशीन बेचना ही अपना उद्देश्य नहीं मानते। वे ग्राहक को कच्चा माल की आपूर्ति, ऑपरेटर प्रशिक्षण, बैंक ऋण में सहायता और तैयार उत्पाद की मार्केटिंग में भी पूरा सहयोग प्रदान करते हैं। कंपनी स्वयं कॉर्नस्टार्च के दाने का निर्माण और होलसेल भी करती है, जो भारत में एक अग्रणी पहल है।

निष्कर्ष: बायोडिग्रेडेबल कैरी बैग निर्माण न सिर्फ एक अत्यंत लाभदायक व्यवसायिक अवसर है, बल्कि प्लास्टिक प्रदूषण की समस्या का एक व्यावहारिक और टिकाऊ समाधान भी प्रस्तुत करता है। सरकारी समर्थन, बैंक ऋण और निर्माता की मार्गदर्शन से भरी यह यात्रा नए उद्यमियों के लिए एक बेहतर कल की नींव रख सकती है।

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