
कम निवेश में शुरू करें फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग का बिजनेस | इन्फिनिटी ग्रुप की अद्भुत मशीनें
नमस्कार दोस्तों! आज हम आपको बताएंगे कि कैसे कम निवेश में अपना खुद का फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस शुरू कर सकते हैं। इन्फिनिटी ग्रुप की इनोवेटिव मशीनों की मदद से आप क्रॉक्स, सैंडल, फ्लिप-फ्लॉप, चप्पलें और यहाँ तक कि साइकिल के टायर भी बना सकते हैं।
✨ मशीनों की खासियतें:
- वर्सेटाइल उत्पादन:
- एक ही मशीन से बनाएँ: क्रॉक्स, स्लीपर्स, सैंडल, लेडीज/जेंट्स/किड्स फुटवियर।
- साइकिल टायर (6″-24″) और व्हीलचेयर टायर भी बनाए जा सकते हैं।
- बस मोल्ड बदलकर नए डिज़ाइन तैयार करें।
- छोटे निवेश में बड़ा प्रोडक्शन:
- बड़ी मशीन: 700-800 जोड़ी/दिन (12 घंटे में), थ्री-फेज बिजली।
- छोटी मशीन (नया मॉडल): 300-350 जोड़ी/दिन, सिंगल-फेज बिजली से चलती है।
- निवेश: छोटी मशीन के लिए ~₹5 लाख, बड़ी मशीन के लिए ~₹10 लाख।
- आसान कस्टमाइजेशन:
- रॉ मटीरियल: दाने का रंग बदलकर ट्रांसपेरेंट, डुअल-कलर या ग्लिटरी सोल तैयार करें।
- एक्सेसरीज: चेन, स्टिकर, पेंटेड डिज़ाइन से प्रोडक्ट को यूनीक बनाएँ।
- अपर पार्ट: डिज़ाइन के हिसाब से इंटरचेंजेबल अपर यूज़ करें।
💰 बिजनेस के फायदे:
- कम लागत, ऊँचा मुनाफा:
- क्रॉक्स की उत्पादन लागत: ₹40-45/जोड़ी।
- होलसेल भाव: ₹75-100/जोड़ी।
- ऑनलाइन/रिटेल में ₹200-400 तक बिकती है।
- अनुमानित आय:
- छोटी मशीन से दिनभर में 300 जोड़ी बेचकर ₹9,000/दिन तक कमाएँ।
- महीने के ₹2-3 लाख तक मुनाफा संभव।
🌍 एक्सपोर्ट और ग्लोबल ऑपर्च्युनिटी:
- इन्फिनिटी ग्रुप की मशीनें नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश और अफ्रीका (तंज़ानिया, युगांडा, केन्या) में एक्सपोर्ट होती हैं।
- बल्क ऑर्डर का ऑफर: पूरा कंटेनर भरकर मशीनें खरीदें और विदेशी डीलर बनें।
- सपोर्ट: मशीन इंस्टॉलेशन, ट्रेनिंग और रॉ मटीरियल सप्लाई की सुविधा।
✅ स्टार्टअप के लिए परफेक्ट:
- घरेलू बिजली से चलने वाली छोटी मशीन हाउसवाइफ्स, स्टूडेंट्स और नए उद्यमियों के लिए आदर्श।
- प्लग-एंड-प्ले सिस्टम: मशीन लगाने के बाद सिर्फ 10 दिनों की ट्रेनिंग से काम शुरू करें।
- मेंटेनेंस आसान: वीडियो कॉल पर टेक्निकल सपोर्ट उपलब्ध।
📍 कैसे शुरू करें?
- विजिट करें: इन्फिनिटी ग्रुप, नरेला इंडस्ट्रियल एरिया (F-19, नई दिल्ली)।
- संपर्क करें: ☎️ +91 99020 299
- यूट्यूब पर देखें: “बिजनेस कैसे करे” चैनल पर मशीनों के डेमो वीडियो।
🚀 अवसर किसके लिए?
- मौजूदा मैन्युफैक्चरर: हवाई चप्पल बनाने वाले, जो प्रोडक्ट रेंज बढ़ाना चाहते हैं।
- युवा उद्यमी: कॉलेज पासआउट या स्टूडेंट जो सेल्फ-एम्प्लॉयड बनना चाहते हैं।
- घरेलू महिलाएँ: घर बैठे पार्ट-टाइम बिजनेस शुरू करने के इच्छुक।
निष्कर्ष:
“यह मशीन सिर्फ उत्पादन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत का सपना पूरा करने का ज़रिया है। क्वालिटी पर ध्यान दें, कस्टमाइजेशन से ब्रांड बनाएँ, और विकसित भारत के मिशन में हिस्सेदार बनें!”